देहरादून। अल्मोड़ा के मरचूला बस हादसे ने सड़क सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। दो साल में लोक निर्माण विभाग को यहां क्रैश बैरियर लगाने के लिए सात करोड़ रुपये दिए गए थे। इसके बावजूद क्रैश बैरियर नहीं लगाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इससे पहले सीएम के आदेश पर सोमवार को ही दो प्रभारी एआरटीओ को निलंबित किया गया था।

मरचूला में बस हादसे के कारणों में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही भी प्रमुख तौर पर मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त थी। इस पर कहीं भी सड़क सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बैठक ली तो लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी जताई।

दो साल में क्रैश बैरियर लगाने के लिए लोनिवि को सात करोड़ का बजट दिया गया था। इसके बावजूद अधिकारी खामोश बैठे रहे। उन्होंने कोई इंतजाम नहीं किया। सीएम धामी ने लोनिवि अफसरों से पूछा है कि बजट मिलने के बावजूद क्रैश बैरियर क्यों नहीं बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

मामले में परिवहन विभाग के दो एआरटीओ सोमवार को ही निलंबित कर दिए गए थे। अब जांच के बाद लोनिवि अफसरों पर भी सरकार कार्रवाई कर सकती है। उधर, सीएम ने 10 दिन के भीतर रोडवेज बसों की उपलब्धता का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय अतिरिक्त बसें संचालित की जाएं। बसें कम होने पर नई बसें जल्द खरीदी जाएं। आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।

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