दमोह। दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र के इमलाई गांव में रहने वाले तीन वर्षीय मासूम ने घर में खेलते समय गलती से तारपीन का तेल पी लिया। उसे गंभीर हालत में परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। बच्चे की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, इमलाई गांव निवासी महेश विश्वकर्मा का तीन वर्षीय बेटा गोविंद रविवार शाम घर में खेल रहा था। इसी दौरान एक शीशी में रखा तारपीन का तेल उसने गलती से पी लिया। इसके बाद बच्चे को उल्टियां होने लगीं, मुंह से तेल की बदबू आई और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर महेश लोधी, डॉक्टर विक्रम पटेल और डॉक्टर सोनू शर्मा ने बच्चे का इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

स्थिति गंभीर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बच्चे को बचाने के लिए नर्स शैफी चौरसिया और नूरजहां परवीन ने एंबुलेंस में उसे ऑक्सीजन लगाकर जबलपुर भेजा, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजन बच्चे का शव वापस जिला अस्पताल लेकर आए, जहां सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया।

तारपीन का तेल ऑयल पेंट में मिलाने के काम आता है। लोहे के दरवाजों या अन्य लोहे की वस्तुओं पर ऑयल पेंट करने में इसका उपयोग किया जाता है। यह ऑयल पेंट को पतला करता है और उसकी चमक बढ़ाता है। संभावना है कि घर में किसी लोहे की वस्तु पर पेंट करने के लिए ताड़पीन का तेल रखा गया होगा, जिसे मासूम ने गलती से पी लिया।

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