हल्द्वानी। डीपीएस स्कूल का लापता छात्र यथार्थ शनिवार देर रात पुलिस को दिल्ली में मिल गया। उसका अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि घर से काफी रकम ले जाकर वहां होटल में मौज कर रहा था। घर वालों के डांटने पर गुस्साए यथार्थ ने खुद अपनी स्कूटी और कॉपी-किताबें जलाकर अनहोनी का ऐसा सीन क्रिएट किया कि 72 घंटे पुलिस और परिजन परेशान होते रहे।

दिल्ली से उसे लेकर पुलिस टीम रविवार सुबह यहां पहुंच गई।जीतपुर नेगी इलाके की महादेव एंक्लेव कॉलोनी निवासी व्यापारी योगेश मिश्र का बेटा यथार्थ पूरी तैयारी से दिल्ली गया था। उसने योजना के लिए 20 मार्च की तारीख चुनी, उसी दिन कक्षा नौ की वार्षिक परीक्षा का उसका अंतिम पेपर था। स्कूल से वह घर लौटने के बजाय अपनी स्कूटी (ई-बाइक) और किताबें जलाने के बाद लापता हो गया। उसी रात को बरेली रोड और रामपुर मार्ग को जोड़ने वाले रास्ते के किनारे जंगल में उसकी जली स्कूटी मिली।

पुलिस ने एहतियातन अगले दिन अपहरण का मुकदमा लिख जरूर लिया, मगर उसके यह संज्ञान में था कि यथार्थ को पढ़ाई न करने पर घर वालों ने डांटा था। माना कि इसलिए वह कहीं चला गया। कोतवाली के दरोगा गौरव जोशी की टीम को छानबीन पर लगाया गया। परिवार के लोगों से हर छोटी-बड़ी जानकारी हासिल करने के बाद पुलिस टीम स्कूल गई। वहां क्लास में उसके दोस्तों से जानकारी ली। यह सामने आया कि यथार्थ अक्सर दिल्ली जाने की बात करता था। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया। एक कैमरे में वह कैब में दिख भी गया। इसके बाद पता करना था कि वह गया कहां। इसके लिए पुलिस ने यथार्थ के पास मोबाइल फोन होना मानकर छानबीन की। हालांकि घर वालों ने उस पर मोबाइल फोन होने से मना कर दिया था। दरअसल, उनकी जानकारी में यह नहीं था।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने दिल्ली रोड को जाने वाले मार्ग के मोबाइल टावरों का डाटा खंगाला तो उसके मोबाइल फोन का नंबर पता चल गया। इसके बाद पुलिस की राह आसान हो गई। पता चला कि वह दिल्ली में गुरुग्राम रोड स्थित विशाल होटल में है। शनिवार रात पुलिस टीम वहां पहुंच गई और यथार्थ मिल गया।

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